#कानपुर बवाल# सोसल मीडिया के जहर ने बना दिया अपराधी।

कानपुर| एक तरफ कोरोना की दहसत ओर दूसरी तरफ लॉक डाउन में पुलिस की सख्ती। तंग गलियों में सही पर हमेसा हरफनमौला जैसी जिंदगी जीने वाले ये युवक, अचानक सोसल मीडिया के जहर ने इसने दिमाग पर ऐसा असर किया कि देखते ही देखते ये सरकार और समाज के गुनहगार बन गए, बुधवार की सुबह कानपुर के बजरिया इलाके में तंग मोहल्ले में रहने वालों नही सोच था कि यहां के वो नौजवान जिनमे कोई ग्रेजुएट है तो कोई हुनरमंद अचानक अपराधी बन जाएंगे, 
पहले एक नजर घटनाक्रम पर डालते है
बुधवार की दोपहर करीब  3 बजे मेडिकल टीम पुलिस के साथ एक कोरोना संक्रिमत के रिस्तेदारो को लेने पहुचती है,उन्हें लेकर टीम के निकलने के कुछ ही देर बाद भीड़ का एक हिस्सा हिंसक हो जाता है, कुछ ही देर में सोशल मीडिया चेनलो में समुदाव विशस द्वारा कोरोनो योधयो पर हमले की ब्रेकिंग चलती है, हालात बदतर होने से पहले एक सीओ के साथ उसी समुदाव के लोग आगे आते है और बड़ा बवाल और बड़ा होने से बच जाता है।देर रात तक दस आरोपी भी पकड़ लिए जाते है जिसमे के नई उम्र के नौजवान है। सोसल मीडिया पर कुछ लोग सीना पीट रहे है, इन्हें गोली मार दो, जला दो, देश के गद्दार वगेरह वगेरह, पुलिस अपना काम कर रही है।
पर इन सब के बीच पुलिस को ये भी पता चला कि इस इलाके में अचानक हुआ घटनाक्रम सुयोजित नही था बल्कि सोसल मीडिया में लगातार समुदाव विशेष को कोरोना के लिए गुनहगार बता कर टारगेट करने का जहर और, त्योहार के वक़्त लॉक डाउन और घरों में रहने की मजबूरी के साथ रोजमर्रा की जरूरतों के पूरा न होने का डिप्रेशन और इसी बीच कुछ फ़िक्रप्रस्तो की अपना उल्लू सीधा करने के स्वार्थ ने इन युवकों के दिमाग पर इतना गहरा असर किया कि वे भूल गए कि अगर उनके मोहल्ले में कोरोना फलेगा तो दिक्कत भी उन्हें ही होगी।
मेडिकल टीम जिन्हें लेने आए उन्हें लेकर निकल गयी पर एक अफवाह और समुदाय विशस को लेकर सोशल मीडिया पर उगले जा रहे जहर ने इनके दिमाग को डेमेज कर दिया, और इनके हाथ पत्थर आ गए।
आपको जानकर हैरत होगी कोरोनो योद्धाओं को तरगीत करने वाले कम थे पर पुलिस के साथ इन अराजतत्वो से भिड़ने वाले भी उसी समुदाय के लोग थे। बकौल एक पुलिस अधिकारी की जब अराजकतत्व पुलिस को निशाना बना रहे थे तो पुलिस के साथ उसी समुदाव के लोग उनसे भिड़े हुए है, पुलिस का सहयोग कर रहे थे, उस पुलिस का जो उन्हें खाना, जरूरत का सामान और उनकी सेफ्टी के लिये डटी थी।
इस घटना ने उन लड़को को अपराधी बना दिया, जो कानून की abcd तक नही जानते है।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सोसल मीडिया में पनप रहे जातिवाद के जहर ने भी खूब काम किया। अभी भी  वक़्त है सम्हलने के बाकी , महफूज नही आसियान यहां किसी का



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