तब्लीगी जमातियों की वजह से शहर की सबसे व्यस्त मार्केट व इलाके आज रेड जोन में क्या आये प्रशासन की पूरा फोकस इन बस्तियों में हो गया। बावजूद इसके तब्लीगी जमातियों से जुड़े लोग प्रशासन के सामने नहीं आ रहे है। अब ऐसे लोगों पर कार्यवाही के लिये बनाये गये मास्टर प्लान के बाद जहां लोगों में खलबली मची है तो वहीं शहर पुलिस ने कवायद भी शुरू कर दी है। बता दे कि 24 मार्च को सबसे पहले कोरोना का पहला संक्रमित मरीज एनआरआई सिटी में मिला था। उसके बाद 30 मार्चतक शहर में कोरोना का एक भी मरीज सामने नहीं आया था। पर अचानक तब्लीगी जमात से जुड़े जमातियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद तादात बढ़ती गयी। शनिवार की दोपहर तक कोरोना मरीजों की संख्या 29 थी। इधर जमातियों को पनाह देने वालों से प्रशासन बार बार आग्रह कर रहा है कि छूपा कर मुशकिले न बढ़ाये पर प्रशासन को बहुत ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। इसी कड़ी में कानपुर पुलिस के हाथ पांव तब फूल गये जब बस्ती के छावनी थानाक्षेत्र की चौकड़ी मस्जिद से 31 मार्च को कानपुर के नौ जमाती फरार हो गए हैं। पुलिस ने इन जमातियों को 23 मार्च की रात में पकड़ा था और इन सभी को मस्जिद में ही क्वारंटाइन कर दिया था। जमातियों में कानपुर के तकबा मस्जिद निवासी मुजाहिद हुसैन, रियाज अहमद, जमुई बिहार निवासी मतीन, जार्जमऊ कानपुर निवासी सैफ अहमद, हफीजुल्लाह, दुर्गा विहार कानपुर के सगीर अहमद, तिवारीपुर के नईम अंसारी, चकेरी निवासी मज्जाद अंसारी शामिल थे। इन सभी के विरुद्ध छावनी थाने में मुकदमा पंजीकृत कराकर बस्ती पुलिस ने कानपुर पुलिस को सूचना दी है।
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