तन्हा इश्क का अफसाना हूं..

तन्हा मोहब्बत का वो अफसाना था.. अपनों के बीच ही मै बेगाना था...

कहते इंसान की जिन्दगी में चाहे जितना गलत हो जाये, वो सब बर्दाश्त कर लेता है, पर जिसे वह  जी जान से मोहब्बत करने लगे, अगर वहीं उससे छूपाने लगे तो सब कुछ मोतियों की तरह बिखर जाता है। कुछ ऐसी ही एक हकीकत है उस इंसान की जिसका नाम तो है पर उसे आप सब गुमनाम के नाम से ही जाने तो बेहतर है। क्योंकि अक्सर नाम, शख्सियत बन जाते है, और मै कोई शख्सियत नहीं हूं। एक दिन अचानक उसकी बातों ने मेरे दिल को छू लिया था। धीरे-धीरे वह जिन्दगी का अहम हिस्सा बन गयी थी। वो मुझे काफी समय देती रही, हम दोनों काफी करीब आ चुके थे। हर बंधन से ऊपर उठ चुके थे पर इन सब के बीच मैने महसूस किया था, रिश्ते उसके सपनों से बड़े नहीं थे। मुकाम को पाने की बैचेनी और इसका नाजायजा फायदा उठा चुके लोगों की करतूत मुझे अक्सर रूला देती है। हमेशा कोशिश यही रही कि अब कोई उसका इस्तेमाल न कर सके। अक्सर बातों बातों में उसने बहुत कुछ  ऐसा कह दिया जो मुझे ये अहसास दिला देता था, वह मेरी तो है पर किसी कोने में मेरे वजूद के मायने सिर्फ उतना है जैसे सफर में एक मुसाफिर का मिलना। हर दुआ में मैने सिर्फ सिर्फ उसके लिये यही मांगा उसे हर वो मुकाम मिले जहां वह जाना चाहती है। मैने ठान लिया था कि जिस दिन मेरा वजूद उसके सपनों में रोड़ा बनेगा, उस दिन इस वजूद को उससे दूर कर दूंगा। क्योंकि मै जानता हूं वो हमेशा मेरे दिल और सोंच में समायी रहेगी। ये मेरे प्यार का पागलपन हो सकता है। मै उसके आलावा कुछ सोंच ही नहीं पा रहा हूं। पिछले कुछ दिनों से महसूस करने लगा था, मुझसे मिलने में उसेर्  दिलचस्पी कम हो गयी है। फोन पर खूब बातें हो जाती है। पर उसकी बातों में अब एक अजीबी से शिकायत महसूस होने लगी थी। अब पहले से बातों को छूपाने लगी थी। जिस काम को करने में उसे खुशी मिलती थी, वह कम करने लगी थी, पर उसके पास किस्मत से शिकवें मेरी बात न सुनने के बहाने बहुत आने लगे थे। मै जानता हूं वह रूकने वाली लड़की नहीं है, न हालातों से हारने वाली है, मुझे भी जिद है उसे उस मुकाम पर देखने की जहां वह जाना चाहती है, ये जानते हुए भी कि उस मुकाम की पहली सीढ़ी चढ़ते ही उसकी जीवन में नये लोगों का प्रवेश उसे हमसे दूर कर देगा। पर इस दर्द को किस्मत मान कर मै कोशिशों में लगा हूं। इसलिये शुरूआत में कहा था..तन्हा मोहब्बत का वो अफसाना था.. अपनों के बीच ही मै बेगाना था...
वक्त तेजी से करवट ले रहा है। अक्सर मेरी जिन्दगी में आने वाले तुफान को मेरा दिल पहले महसूस कर लेता है। दिल ने जो महसूस किया, मेरी मुकम्मल प्यार पर उसकी ख्वाहिशों की जिद एक दिन जीतने वाली है। आप भी मेरे उस प्यार के लिये दुआ किजियेंगा कि उसकी हर ख्वाहिश पूरी हो...
वैसे भी प्यार सिर्फ मुक्कमल होने का नाम नहीं है...कुछ इश्क तन्हाईयों में भी किये जाते है। आपका दोस्त गुमनाम

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