किसी जमाने में दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाला एक नौजवान देखते ही देखते अपराध की दुनियां में दहशत का बड़ा नाम बन गया। पहली बार 90 रूपये दिहाड़ी में काम किया और ांज 90 करोड़ की दौलत उसकी बतायी जा रही है। पहला अपराध करके गांव में अपने वजूद का अहसास कराने के बाद विकास दुबे ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपराध दर अपराध और पैसों की भूख ने उसे अपने परायों का अहसास भी भूला दिया था। तीस साल में कुछ हजार रूपये से गुजारा करने वाला आज 95 करोेड़ रूपये की प्रापर्टी का मालिक बन गया। ये वो दौलत है जिसका आकलन फौरी तौर पर किया गया।दूसरों की काली कमाई को सफेद करते करते खुद का सिंडीकेट बनाने वाले विकास दुबे के बारे में कई अनटोल्ड कहानी अभी बाकी है। उसकी मौत के बाद गांव के कुछ खास लोगों ने जुबान खोली तो पता चला कि पैसा, दहशत और नेताओं की सरपरस्ती क्या न करा दे।
पहले अपराध के बाद वसूली का खेल शुरू
पहला अपराध 1993 में करने के बाद हत्या की दूसरी घटना 1998 में की थी। और तीसरी बड़ी वारदात संतोष शुक्ला की थाने के अंदर 2001 में। पर इतने साल के बीच विकास दुबे की वसूली की दुकान चल चुकी थी। गांव की बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसके सामने दबंग पृवति के विकास ने कई बार खेल खेल में अपने साथ के लोगों पर हमले किये थे। देखते ही देखते उसकी किस्मत पलट गयी। यूं तो गांव में कम रहा पर जब आया उसका रूतबा देखने को मिला। 1995 के बाद उसकी किस्मत बदल गयी, पहली बीवी की मौत के बाद उसने रिचाा से दूसरी शादी की थी।
विदेश यात्रा के साथ दौलत शोहरत और लालबत्ती की चाहत
विकास दुबे की पत्नी ने भैरव घाट पर सुबकते हुए जब कहा कि उसके पति को किये की सजा मिली तो उसकी आंखों में ज्वाला देखी गयी, साथ की महिला से कहा कि पति की लाल बत्ती की चाहत अधूरी रह गयी जिसे वह पूरी करेगी। अब खौफ का दूसरा चैप्टर शुरू होगा। बताया जा रहा है कि विकास दुबे ने 20 साल में अकूत दौलत एक त्र की थी। उसने आठ विदेश यात्रा, के साथ ही लखनऊ में दो बड़े मकान जिनकी कीमत करीब 20 करोड़, जय विला में उसका पूरा पैसा लगा जिसे जय बाजपेर्द देखता है। ब्याज पर करीब 6 करोड़ रूपया बंटा है। वहीं बैंक और अन्य प्रापर्टी मिलाकर करीब 55 करोड़ रूपये की सम्पत्ति मौजूद है जिसकी जांच ईडी करेगा।
विकास की मौत से डूबा कईयों का करोड़ों रूपये
विकास ने मरने से पहले कई अहम राज खोल दिये है। पुलिस अफसरों ने ऐसे लोगों की लिस्ट बनायी है जिनका सीधे तौर पर विकास से सम्बंध रहा है। एक साल में उसने किस जरिये बड़े ट्राजेंक्शन किये ये जांच होगी। फिलहाल अपने खाते से उसने किसी को कोई रकम कभी नहीं दी। सारा पैसा अमर और पत्नी रिचा के जरिये इधर से उधर होता था। सूत्र बताते है कि चुनाव के वक्त फैक्ट्री मालिकों से चंदे के नाम पर विकास धन उगाही करता था।
विकास दुबे कीपकड़ नेतागिरी, पुलिस विभाग में ऐसे ही नहीं थी। सोशल मीडिया पर कई नेताओं के साथ फोटो आयी, वो सिर्फ एक इत्तेफाक पहचान नहीं थी। सूत्र बताते है कि तीन साल में कई बार विदेश गये विकास दुबे का पासपोर्ट भी पुलिस और नेताओं की रहम करम थ। इसके बदले में उसने कई नेताओं और पुलिस वालों को विदेश की सैर करायी। शहर में तैनात रहे एक चर्चित इंस्पेक्टर अब रिटायड जिनकी करोड़ों की जमीन चकेरी में है उनका विकास से याराना रहा है। वह भी विदेश गये। पुलिस अगर तीन साल की कॉल डिटेल रिचा दुबे, अमर और विकास की निकाले तो कई बड़े नाम उजागर हो जायेंगे।
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