हम पंडित है गंगा जल हाथ में लेकर कसम खाते है इस राहुल को नहीं मारेंगे, पर अगर धोखा दिया तो किसी को नहीं छोड़ेंगे। अगर अब पुलिस पंडित के गांव में आयी तो इतिहास बन जायेगा। और सचमुच विकास दुबे ने पुलिस के इतिहास की एक बड़ी घटना को अंजाम देकर खुद की लंका को जलाकर खाक कर दिया। चौबेपुर बिकरू गांव में पुलिस वालों की हत्या करने वाले विकास दुबे में लगातार कई खुलासे हो रहे है। विकास दुबे की लंका को जलाने में अहम भूमिका निभाने वाला राहुल तिवारी अचाकन पुलिस के सामने आया तो कई और खुलासे हुए।
नये कप्तान के आने पर नहीं गली एसओ की दाल
राहुल तिवारी ने बताया कि 27 जून को विकास के गुर्गो ने उसके साथ लूटपाट कर मारपीट की थी। थाने गये पर पुलिस ने नहीं सुनी तो सीओ बिल्हौर से शिकायत की थी। शिकायत के बाद सीओ ने एसओ चौबेपुर को फटकार लगायी थी। नये कप्तान के आने और पुराने डीआईजी के जाने के बाद चौबेपुर एसओ विनय तिवारी समझ चुके थे उनकी दाल सीओ के सामने नहीं गलेगी सो वह राहुल को लेकर घटनास्थल पर गये थे। वहां से विकास दुबे के घर पहुंचे तो विकास के गुर्गो ने पुलिस के सामने राहुल को पीट दिया था।
सीने पर तानी रायफल तो जेनऊ निकाल कर मांगी जान की भीख
राहुल ने बताया कि विकास दुबे के गुर्गो ने सीने पर रायफल रखकर एसओ विनय तिवारी को खूब गालियां दी। मुझे जान से मारने के लिये कहा तो एसओ ने जेनऊ निकाल कर हाथ जोड़ लिये कि पंडितों पर कलंक लग जायेगा कि घर बुलाकर मार दिया। तब विकास ने राहुल को छोड़ा था।
राहुल ने बताया कि विकास दुबे ने गंगा जल एसओ विनय तिवारी और मुझे देकर पिलाया और कसम खिलाई की अब कोई कार्यवाही नहीं होगी न पुलिस इस गांव में आयेगी। अब आयी तो कोहराम मचा देंगे। उसके बाद खुद गंगाजल हाथ में लेकर कसम खायी थी कि हम राहुल को नहीं मारेंगे, ठीक चार दिन के भीतर मुकदमा दर्ज होने और पुलिस की दबिश पड़ने की जानकारी ने विकास दुबे पर वह कहावत चर्रितार्थ कर दी कि
ब्राहम्ण खुश तो सुदामा, रूठा तो रावण
इसी गुस्से ने उसकी लंका जला दी।
राहुल तिवारी के बयान पर आधारित
साभार बर्निंग न्यूज
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