तहरीर देने आयी थी, दिल दे बैठी, और लूट गयी आबरू

लव सेक्स धोखा ये तीन शब्दों को सुनकर ही अजीब से हरकत शरीर में होने लगती है। पर इन शब्दों  के बीच में अगर कहीं पुलिस और वो भी लव, सेक्स धोखा आ जाये तो सिरहन दौड़ जाती है। बीते कुछ सालों में ऐसे ही खाकी केइश्कजादों ने वर्दी के नाम को बदनाम किया हैे। उनकी कहानी आज भी पुलिस महकमे में चटखारे लेकर सुनाई जाती है। ये और बात है कि ऐसे खाकी के इश्कजादों के चक्कर में दिन रात समाज की सेवा करने में लगी खाकी पर दाग लगता है। कोरोना काल और बिकरू कांड के बाद हर वर्ग में खाकी के प्रति इज्जत बढ़ी है। हम ऐसे पुलिस वालों की कद्र करते है जो देश और समाज सेवा को समर्पित है। पर खाकी को बदनाम करने वाले कई दरोगा सिपाही आज भी या तो नौकरी कर रहे है या फिर दूसरे शिकार की तलाश। आईये आपको बताते है ऐसे ही कुछ मनचले पुलिस वालों की लव, सेक्स धोखे की कहानी। 
सीओ की नाबालिग प्रेम कहानी
कानपुर में एक सीओ हुआ करते थे उनका नाम था अमरजीत शाही, जिन्होंने एक मासूम को बेटी कहकर पुचकारा औश्र घर आने जाने लगे, फिर क्या घिनौना काम, दूसरे जनपद में तैनाती के दौरान एक दिन शहर आये और अपनी घिनौनी चाहत को पूरा करने लगे, माता पिता के सब्र का बांध टूटा और सामने आया एक घिनौना सच, सीओ अमरजीत शाही ने जिस बच्ची के साथ कई साल तक रेप किया वह सिर्फ उस वक्त 15 साल की थी, इस मामले में उन्हें जेल हुई और बर्खास्त भी हुऐ, उनकी कहानी आज भी चर्चा म९ं रहती है।
तहरीर देने आयी थी दिल दे बैठी और लूट गयी आबरू
ऐसा ही एक मामला 6 साल पूर्व तब सामने आया नवाबगंज थाने में तैनात दरोगा उदय प्रताप पर युवती ने शादी का झांसा देकर कई साल तक रेप का आरोप लगाया। मुकदमा दर्ज हुआ, सस्पेंड हुए, सत्ता की हनक अच्छी थी, सेटिंग करके समझोता कर लिया इस वक्त दूसरे जिले में बतौर एसओ तैनात है। इनकी प्रेम कहानी भी सुन लिजियें, एक युवती भाई से झगड़े की शिकायत करने गयी थी। वहां एसओ थे उदय प्रताप, युवती ने तहरीर दी और दरोगा उसे दिल दे बैठे, वर्दी का भौकाल और भोली सूरत में युवती फंस गयी और दिन दे बैठी, यहां से शुरू हुआ लव, सेक्स, धोखा का चैपटर, तीन साल तक दोनों में बात हुई, जहां भी तैनात रहे उसे बुलाते रहे। जब मामला खुला तो युवती पर ही आरोप लगा दिया। एक दिन में 5 घंटे तक फोन पर बात की रिकार्डिंग सामने आयी। 
ऐसे ही कई और नाम है जिन्होंने वर्दी की आड़ में खेला नापाक मोहब्बत का खेल
अभी कुछ दिन पूर्व मामला सामने आया जब नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा संतोष यादव पर आरोप लगा कि उन्होंने युवती को एक शिकायत की जांच के नाम पर बुलाया और उसके साथ रेप किया। वर्दी की दुआही देकर शादी का झांसा देकर नापाक प्यार चलता रहा। दूसरे थाने में तैनाती हुई तो युवती ने शादी का दबाव बनाया तो मुकर गये। तत्कालीन डीआईजी अनत देव के पास शिकायत गयी तो सस्पेंड हुए और मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी अभी नौकरी कर रहे है पीड़िता न्याय के लिये भटक रही है।
एक नाम और सामने आया
कल्याणपुर में रहने वाली युवती ने दीपक नाम के सिपाही पर रेप का आरोप लगाया, वह झांसी में तैनात है, किरायेदार प्रेमिका के साथ सवा साल तक सेक्स करता रहां, पर शादी से इंकार कर दिया। मामला कल्याणपुर थाने पहुंचा आखिरकार मुकदमा दर्ज हुआ। 
डेरापुर में तैनात सिपाही नीरज ने तो हद कर दी एक नाबालिग के साथ रेप कर डाला, मामला सुर्खियों में आया तो सस्पेंड हो गये, इसी प्रकार चकेरी के एक सिपाही ने शादी का झांसा देकर युवती से सम्बंध रखे, उसके गर्भवती होने पर उसे गर्भपात कराकर भगा दिया, मुकदमा दर्ज हुआ सिपाही फरार हो गया।
दरोगा ने किया सिपाही की पत्नी से रेप
बिधनू थाने में तैनात एक सिपाही की पत्नी के साथ तो महकमे के दरोगा ने ही रेप कर डाला, इनकी कहानी कुछ इस तरह थी, फर्रखाबाद में तैनाती के दौरान सिपाही के संपर्क में आये, घर आना जाना शुरू हुआ, सिपाही की पत्नी को भाभी कहकर पुकारते और भाभी होने के नाते कभी कभार मजाक भी कर लेते। इन दरोगा जी का नाम था ओमप्रकाश
एक दिन सिपाही भर्ती में बेटे को भर्ती कराने के लिये पैसे लिये पर करा नहीं पाये, पैसे वापस मांगे तो सिपाही की पत्नी को हरबंश मोहाल के एक होटल में बुलाया और खेल गये घिनौना खेल, मुकदमा दर्ज हुआ पर अभी तक मामला ठंडे बस्ते में है। अब सवाल ये उठता है कि कानून के रखवालों पर ऐसे आरोप लगे है और वो अभी भी समझौते की रेलगाड़ी की बदौलत डटे है तो ऐसे इश्कजादे पुलिस वालों की करतूत से क्यों न महकमा बदनाम हो।
साभार बर्निंग न्यूज.... सारे घटनाक्रम कुछ साल पुराने है, इन सब में कई मामलों में लगभग समझौता करके आज भी कई दागी पुलिस वाले नौकरी कर रहे है।

Comments

  1. किसने कहा कि बिकरु कांड के बाद पुलिस की इज्जत बढ़ी है। पुलिस न कभी सुधरी है और न ही सुधरेगी

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