बर्रा से अपहरण किये गये संजीत प्रकरण में भले ही पुलिस सवालों के घेरे में आ गयी हो पर परिजनों की जल्दबाजी और मीडिया समेत कई लोगों के बीच गलत बयानबाजी से पुलिस के किये कराये पर पानी फिर सकता है। ऐसा हम नहीं कहते बल्कि अपहरण जैसे केसों में काम कर चुके रिटायर्ड पुलिस कर्मी समेत कई ऐसे बाहर तैनात इंस्पेक्टरों का कहना है। बर्रा निवासी चमनलाल के बेटे संजीत का 22 जून को अपहरण हो गया था। कुछ दिन बाद ही फिरौती का फोन आने के बाद परिजनों ने पुलिस के चक्क२ काटने शुरू कर दिये। मंगलवार को संजीत की बहन रूची ने आरोप लगाया कि बैग में 30 लाख रखकर दिये और पुलिस के सामने अपहरण्कर्ता पैसा लेकर चले गये। ठीक दूसरे दिन रूची ने अपने बयान को बदल दिया कि उसे दूसरों के कहने पर ऐसा किया था। पर ऐसे करने से जहां पुलिस की किरकिरी हुई वहीं कई सवाल भी उठने लगे है।
कहीं खुद का अपहरण तो नहीं कराया
संजीत प्रकरण में अभी तक की जांच और कोई सुराग न लगने से कई सवाल उठ रहे है। हम प्रार्थना करते है कि संजीत सही सलामत बरामद हो और बदमाश भी पकड़े जाये पर कुछ सवाल संदेह के घेरे में है।
दरअसल कानपुर में अपहरण के हुए मामलों की लिस्ट देखे तो सामने आता है कि जब भी किस जानने वाले ने अपहरण की घटना को अंजाम दिया है, अपहर््त युवक जिंदा नहीं बचा। अगर परिजनों के आरोपों को माने तो जिस राहुल पर आरोप है उसे सब जानते हीै क्या ऐसे में संजीत बच पायेगा।
2 सवाल है कि अगर अपहरण सिर्फ फिरौती के लिये किया गया तो इतने दिन तक अपहरणकर्ता उसे लेकर इधर उधर नहीं भटकेंगे, क्योंकि अब डाकुओं प्रथा खत्म हो चुकी है यानी पकड़ को इतने दिन तक संभाल कर रखने की, एक ही नम्बर से कई बार फोन किये गये जिससे पता चलता है कि बदमाश अनाड़ी ही है।
3- अगर संजीत का अपहरण खुन्नस यानी रूची से शादी का रिश्ता टूटने पर किया गया तो संजीत को टारगेट क्यों किया गया, बदमाश युवती को उठा सकते थे। उन्हें कैसे पता चला कि कहां कितना पैसा और गांव में कौन सी जमीन और घर में जेवर है।
4-एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर की माने तो संजीत का अभी तक पता नहीं चला तो इससे आशंका व्याप्त होती है कि कहीं उसके साथ या तो कोई अनहोनी हो गयी या फिर इस अपहरण के खेल में वह खुद या कोई बहुत करीबि शामिल है जिसे पुलिस और परिजनों के हर मूवमेंट की खबर है।
5- जिस तरह से पुलिस 22 दिन से भटक रही है और कोई क्लू नहीं मिल रहा है उससे लगता है कि अपहरणकर्ताओं ने कुछ अनहोनी कर दी है या फिर खुद अपर्ह्त पूरा खेल सजा रहा है। क्योंकि इतने दिन तक उसे इधर उधर लेकर बदमाश नहीं भटकेंगे, और अब तो मामला मीडिया में सुर्खियां बन चुका है ऐसे में अगले तीन दिन बेहद अहम है।
6- इस पूरे प्रकरण में पीड़ित परिजनों से लेकर खुद युवक की हिस्ट्री पुलिस के लिये मददगार साबित हो सकती है। क्योंकि कुछ तो ऐसा है जो ये बता रहा है कि अपहरण की वजह सिर्फ शादी टूटना नहीं कुछ और है।
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