खाकी वर्दी से खून की होली खेलने वाले विकास दुबे को पुलिस एक मामूली गुंडा समझा था। चौबेपुर थाने में दर्ज गुंडा लिस्ट में विकास 8वें नम्बर का गुंडा था। उसके ऊपर 60 मुकदमें दर्ज होने के बाद भी उसकी निगरानी में पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आयी है। रविवार को एडीजी जय नारायण, आईजी मोहित अग्रवाल बिकरू गांव पहुंचे। इससे पूर्व चौबेपुर थाने में पुलिसकर्मियों से बात करने के साथ विकास की अपराधिक कुंडली खंगाली गयी। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि विकास के किलेनुमा मकान में असलहा भारी तादात में हो सकता है। जांच की जा रही है। रविवार को बिकरू गांव के विकास दुबे के मोहल्ले में खाकी ही खाकी दिखी। जमीदोंज मकान के बीच घर के बर्तन बाइकें बाहर पड़ी थी जिन्हें कोई पूंछने वाला नहीं था, जिस विकास दुबे के घर के चम्मम को उठाने की किसी हिम्मत नहीं थी आज वहां घर के बर्तन कपड़े पैरों तले रौंदे जा रहे थे। जिस घर में सीओ की हत्या की गयी वहां सूखा पड़ा खून और दिवारों पर गोलियों के निशान बयां कर रहे थे कि किस कदर विकास के शूटरों ने पुलिस पर फायरिंग की।
दरअसल इस पूरी घटना को विषलेषण के तौर पर देखा जाये तो
पुलिस विकास को मामूली गुंडा समझने की भूल कर गयी। विकास ने दो साल में कई शार्प शूटरों समेत अकूत धन एकत्र किया था। वह खुद अपराध न करके अपने गुर्गो से रंगदारी, वसूली आज भी करा रहा था। खनन, समेत असलहों की सप्लाई का काम भी धड्ल्ले से हो रहा था।कई शिकायतों के बाद पुलिस की शह मिली थी। घटनास्थल पर तैनात हल्का चौकी इंचार्ज ने खुद माना कि घटना के दो दिन पूर्व एसओ और विकास के बीच हुई कहासूनी के बाद ही हालात बिगड़ रहे थे पर एसओ ने मामले को छूपा कर रखा। जिस समय पुलिस दबिश देने गयी किसी ने भी जैकेट, हेलमेट नहीं पहना था।
चौबेपुर समेत कई थानों में विकास दुबे पर मुकदमें है। पुलिस ने पहली हत्या होने के बाद विकास पर मिनी गुंडा एक्ट की कार्यवाही की थी। थाने में टॉप टेन सूची में कभी उसका नाम नहीं आया था। ये जांच का बड़ा विषय है। उसके नाम कई असलहे होने की बात सामने आयी है पर ये असलहे कैसे उसे मिले ये विभागीय चूक है। उसके कई साथियों पर संगीन मुकदमें दर्ज है पर टॉप टेन सूची में अतुल और उसके तीन भाईयों के नाम है।
पुलिस के एक्शन से बदमाशों में दहशत
विकास दुंबे की दुस्साहसिक कृत्य के बाद जहां बदमाशों में हड़कम्प मचा है। वहीं पुलिस का एक्शन और रियेक्शन बदमाशों में खौफ पैदा कर रहा है। घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिस वाले ने बताया कि आसपास के 19 गांव में सक्रिय बदमाश गांव छोड़ कर भाग गये है। कानपुर नगर के कई नामी बदमाशों ने खुद गायब हो गये। कल्याणपुर के कुछ नामी बदमाश भी कभी विकास के साथ उठते बैठते थे। इस घटना के बाद सभी के फोन बंद है। उसकी बहादूरी के किस्से गढ़ने वाले आज चुप्पी साधे हुए है। घटना के बाद से मसवानपुर का गुफरान, कल्याणपुर गांधी, आवास विकास का संजय समेत कई बदमाश अलर्ट है। बताया जा रहा है कि कल्याणपुर में विकास के कई गुर्गे रहते है।
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