ईमानदार co पर भारी था रिस्वतखोर दारोगा विनत तिवारी

किया ऐसा हो सकता है एक डिप्टी एसपी किसी थानेदार के लिए एक नही दो नही सिकयती पत्र लिहे और उस पर कार्यवाही न हो। अगर वाकई ऐसा है तो इससे साफ है कि पुलिस महकमे में सब कुछ सेटिंग से चल रहा है। मतलब जिसकी बेहतर सेटिंग थाना उसका। 8 पुलिस वालों की हत्या के बाद कुख्यात विकास दुबे के साथ पुलिस की लापरवाही किनपरते भी खुल रही है। एक वायरल पत्र में दावा किया गया कि दिवंगत co ने तत्कालीन dig अनंतदेव को एसओ चौबेपुर के खिलाफ कार्यवाही के लिए लिखा था। पर उस पत्र की पुस्टि नही हुई है। 
दरसल इस तरह की किसी भी शिकायत की लिखित पुस्टि होगी भी नही। इस तरह का पत्र किसी जानकार जिसे पुलिस विभाग का सूत्र कह ले उसकके द्वारा वायलर कराया गया । जो लगातार दिवंगत co के परिवार से जुड़ा है। 
दरसल दिवंगत co को इस तरह का पत्र लिखने की जरूरत रही ही नही होगी कियोंकि बटोर co कप्तान से मिलने और अपनी बात रखने co कप्तान के tc में थे। कुछ जानकर पुलिस वालों ने बताया कि राज्यपत्रित अफसर फोन पर ही कप्तान से शिकयत कर दे तो कारवाही हो जाती है। एअसे में रिश्वतखोर एसओ के खिलाफ पत्र लिखने की जरूरत ही नही थी। शायद इसलिए ही कोई पत्र या रिकार्ड एसएसपी आफिस में नही मिला।  वहीं चौबेपुर थाने में चर्चा में रही कि एसओ विनत तिवारी जब भी co थाने आते वह गयाब हो जाते थे। एअसे कई बार हुआ।
सत्ताधारियों से अछि सेटिंग के चलते ही एसओ co पर भारी थे

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