कानपुर। चौबेपुर के बिकरु ग्राम में विकास दुबे एंड कंपनी ने एक सीओ 3 दरोगा और 4 सिपाहियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलकर मौत की नींद सुलाने वाले विकास दुबे ने विधयाक बनने का सपना देख लिया था। बिकरु समेत 45 ग्राम में उसने अपनी छवि गरीबो के लिए मसीहा वाली बना ली थी। जिस जेसीबी से विकास दुबे का मकान तोड़ा गया उसकके सामने कई बार विकास के गुर्गों ने यह जिक्र किया थ
किसानों की करता था मदद
विकास दुबे ने करीब 4 साल में अपनी दबदबा बरकार रखते हुए कुछ और मंसूबे बनाये थे।
थाने में वह सिर्फ सिपाहियों से बात करके एसओ के लिए हुक्म भेजता था या फिर चिट्ठी लिखता था मेरे फला व्यक्ति का ये काम कर दो। उसकी काल डिटेल में पुलिस या stf को थाने के स्टाफ से बहुत लंबी बातचीत के रिकार्ड नही मिले है।
गाँव के लड़कों की बनी थी टीम
विकास दुबे ने sukhaaaa निवादा, घसेर, बिकरु समेत 5 ग्राम के लड़कों की एक टीम भी बनाई थी। जिसे विकास भैया यूथ क्लब नाम दिया गया था। इसे कोई अजीत नाम का व्यक्ति संचालित करता था। हालांकि इसकी पुस्टि किसी स्तर से नही हुई । इस कांड के बाद विकास से किसी भी एंगल से जुड़े लोगों ने सारी निसनियिओं को खुद मिटा दिया है।
बताया तो यह भी ज रहा है कि अमर और वीरू नाम के दोनों लड़को ने नाम से कई सिम लेकर उसे इस्तेमाल विकास कर रहा था।
21 लोगो के रहती थी साथ
विकास के किलेनुमा मकान में उसकी इजाजत के बगेर कोई नही मिल सकता था। एक खास सूत्र ने बताया कि कुछ दिन पहले एक मामूली अमाउंट के लिए वह विकास के घर गया तो पहले तलाशी ली गयी फिर अंदर खबर भेजी गई। पंडित जी मिलने से मना कर दिया और बाहर कुछ पैसा भेज दिया तब घर के गेट से लेकर बाहर करीब 21 असलहाधारी लोग थे जिनका रहना विकास के साथ ही था
बदमाश था पर था ईमानदार
जिस जेसीबी से विकास का मकान गिराया गया वह चौबेपुर के सुल्तान की है। मई माह में विकास ने खेत केन्काम के लिए जेसबी मंगई थी। इसके लिए थाने के एसओ को कहा गया 5है उसने विकास की बात उस तक पहुचाई। मामला पैसों को फंसा तो विकास ने रेत तय कर दिए जीतने तय किये उसमे सिर्फ 20 हजार 24 मई को लेने jcb मालिक गया था। घटना वाली रात को विकास के मामा ने जेसीबी चालक को बुलाकर रास्ते बंद कराया था। अब जेसीबी वाला खुद परेसान है
विकास की जमानत लेने वालों को ढूंढ कर दिखा दे पुलिस
विकास दुबे पर 60 से ज्यादा मुकदमे है। लगभग मामलों में उसकी जमानत ली गयी है। आसपास के 5 किमी की दायरे में सिर्फ विकास की चर्चा है। इन्ही चर्चाओं में बात सामने आई है कि विकास की जमानत लेने के लिए उसके ग्राम के लड़के और महिकाये तक आगे थी। कुछ ने कई मामलों में फर्जी जमन्ते ली अब पुलिस उसकी जमानत लेने वालों को खोज कर दिखाया दे यही बड़ी बात है।
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