#svburningnews#साउथ इंडियन मूवी की तर्ज पर किया विकास दुबे ने पुलिस का शिकार

चौबेपुर के बिकरू गांव में खाकी वर्दी के साथ खून की होली खेलने वाले गैंगस्टर और उसके गैंग ने जिस तरह से पुलिस को तीन तरफ से घेर कर ताबड़तोड़ गोलियां बरसायी, ये कोई अचानक की गयी घटना नहीं थी। अगर आपने साउथ इंडियन मूवी थीरम देखी होगी तो बिकरू गांव की मुठभेड़ बल्कि मुठभेड़ भी नहीं सीधे पुलिस का शिकार का सारा सीन इस मूवी में दिख जायेगा। राजस्थान के कुख्यात गैंग ने जिस तरह से पुलिस को खुद अपनी सूचना देकर उनका शिकार किया था। ठीक उसी तरह से शिवली, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिठूर समेत कई जनपदों में आतंक का प्रर्याय बने विकास दुबे ने किये। अभी तक की जांच और एसटीएफ को कई चौकाने वाले राज मिले है। 
थीरम में डकैत गैंग ने पुलिस से ही करायी थी खुद की मुखबरी
साउथ इंडियन मूवी थीरम में आईपीएस अफसर समेत उनकी टीम को खुद की सूचना एक दरोगा के जरिये पहुंचा कर डकैतों ने उनका शिकार किया था। ये और बात है कि फिल्म में पुलिस ने डकैत को मार गिराया था, पर यहां सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्र समेत उनके सात जाबांज पुलिस कर्मी शहीद हो गये। पर घटना को जिस कु्ररूता और दुस्साहिसक तरीके से अंजाम दिया उससे लगता है कि इस पूरी घटना में राजस्थान के शार्प शूटर भी मौजूद थे ।
डकैत करते थे टारगेट पर ऐसे हमला
बिकरू गांव में देर रात दबिश में गयी पुलिस को जिस तरह से मारा गया वैसी घटनाओं को बीहड़ के डकैत अंजाम देते थे, तो क्या बीहड़ में खत्म हो चुके कई गैंग या उनके गुमनाम हुए साथियों से विकास दुबे के सम्बंध थे?ये सवाल उठना लाजिमी है।
कहीं खुन्नस में तो नहीं करायी गयी सीओ की हत्या
सोसल मीडिया पर वायरल हो रहे co का पत्र पुलिस के तत्कालीन अफसरों के लिए फ़ांस बन सकता है। co ने कई बार तत्कालीन dig अनत देव को so विनय तिवारी की करतूत बताई और सत्ता की हनक कहे या एसओ की पकड़ की कोई कार्यवाही नही हुई जिसके चलते इतनी बड़ी घटना हुई हालाकिं वायरल पत्र को लेकर आईजी मोहित अग्रवाल ने जांच की बात कही है। हो सकता है विभागिय स्तर से तत्कालीन डीआईजी तक सीओ द्वारा भेजी गयी शिकायत सामने भेजी ही न गयी, पर पुलिस विभाग में ऐसा कम ही होता।
साभार sv burning news

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