रात के अंधेरे में जब जागती है,कामुकता तो हाथ मे होता है@@@@

रात होते ही जब कामुकता अपने चरम पर होती है तो हाथ अपने आप ही  मोबाइल पर चले जाते हैं और फिर शुरू होता है तो पोर्न साइट पर सर्चिंग का दौर।  एक के बाद एक कई गंदी फिल्मों के देेे पर  युवा मन भड़कता है तो बच्च्चो के कोमल मन दिमाग को डेमेज करता है। आपको बतााााा है किििकेे मोोोोो उयग में पोर्न फिल्मों ने हर घर मे जगह बना ली है। आंकड़ों पर गौर करे तो यौवन सुख की चाह तेजी से बढ़ी है। सबसे पहले तो देह सुख को लेकर वाक्य पूरा कर दूं। देह का सुख में सब कुछ आता है जिसे  आप आराम कह सकते मतलब भूख, प्यास, सोना, जागना, खेलना, शौक और सेक्स सभी तरह के देह को सुख देना ही देह सुख है। 
यौवन सुख की बात करे तो सिर्फ काम उत्तेजना को शांत करना यौवन सुख है। 
अब आते ही असली बात पर। 
21 मार्च को देश में कोरोना महामारी को लेकर शुरू हुए ट्रायल अब सुनवाई के दौार में चल रहा है। कोरोना ने वो सब दिखा दिया जो भारीतय इतिहास में इस सदी के लोगों ने सिर्फ सुना या किताबों में पढ़ा होगा, अब इंटरनेट पर भी पढ़ लेते है। पर इन सब के बीच इंटरनेट पर चौकाने वाली बात भी सामने आ रही है। 
कोरोना के चलते लॉक डाउन क्या शुरू हुआ मोबाइल का शौक तेजी से बढ़ गया। टीवी, बीवी के बाद सिर्फ मोबाइल ही एक सहारा बचा था। हालाकिं युवा पीढी के पास मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल के लिये रात 9 बजे से 2 बजे तक समय बुक रहता है।
पर आपको हैरानी होगी कि पोर्न फिल्मे देखने वालों की संख्या अचानक 40 प्रतिशत बढ़ गयी। एक बड़ी न्यूज एंजेसी के अनुसार 10 मिनट में पूरे देश में 4 लाख लोग  पोर्न साइट पर सर्च करते है।
ऐसा कोई डेटा सामने नहीं आया जिससे पता चले के कानपुर शहर में हर रोज कितने लोग ब्लू फिल्में देखते है।पर इंटरनेट सर्चिंग साइटों की माने तो युवा पीढी के मोबाइल पर पोर्न साइट की सर्चिंग हिस्ट्रही जरूर मिलेगी। 
अब बात अगर व्हाटसएप की करे तो प्रतिदिन व्हाटस गु्रप पर 500 से ज्यादा अश्लील मूवी क्लीप पोस्ट की जाती है। ये आंकड़ा मैने खुद जुटाया हैे। कई ऐसे गु्रप है जिसमें मैने पाया कि उसमे हर रोज सौ से ज्यादा ब्लू फिल्मों की क्लीपिंग आती हैै।
दरअसल पोर्न साइडों का भंडारा इंटरनेट पर इस कदर है कि जिससे बचना मुशिकल भी है। कोई भी साइड खोलियें कभी न कभी उत्ेजका विज्ञापन सामने आ जाते है। या फिर बीच बीच में उत्तेजक मॉडल की फोटों, जिसके बाद युवा मन उसे देखने से नहीं चूकता है। 
फिलहाल पोर्न सर्चिंग में शहर भी आगे है। यानी सर्चिंग डेटा बेस के जानकारों की माने तो इंटरनेट पर सर्च किये गये हर शब्द को गूगल संजो कर रखता है। 
पोर्न साइटों पर विजिट युवाओं से लेकर बच्चों तक की हो गयी है। इसलिये जरूरी है कि बच्चों के हाथ मोबाइल हो तो उसे समय समय पर चेक जरूर करें, कहीं आपका दुलारा पोर्न साइट में नहीं डूब रहा हैै।

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