लव जेहाद के नाम पर ये कैसा........ खेल

लव जेहाद... प्यार करने वालों के लिये अभिशाप पर धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों के लिये फायदे का कॉकटेल है। आज हम बात इसी जेहाद पर करेंगे। आखिर कैसे ये हमारे देश में आया कैसे इसकी प्रमाणिता पर  सवाल उठे और कैसे इस शब्द का इस्तेमाल समाज के ठेकेदारों ने अपने फायदे के लिये किये। मेरा लेख किसी धर्म, समुदाय व्याक्ति, संगठन की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिये नहीं बल्कि समाज को नई सोंच के साथ उस बात को स्वीकार करने के लिये है जो नवयुवाओं के प्रेम को स्वीकार नहीं करते है जबकि संविधान उन्हें पूरा अधिकार देता है। 
सबसे पहले बात जेहाद की करते है। 
लव जेहाद का पहला मामला केरल में 2009 में सामने आया था जब 2 हजार से ज्यादा दूसरे समुदाय की युवतियों को प्रेम जाल में फंसा कर शादी की गयी थी। तब वहां की कोर्ट ने इस मामले को लव जेहाद मानते हुए जांच के आदेश दिये थे। इमने से कई लड़कियां शादी के बाद से गायब हो गयी। हालाकिं एससी ने लव जेहाद को लेकर एनआईए को जांच के आदेश दिये थे जिसमें कुछ मामले लव जेहाद के पाये गये थे। 2014 म९ं यूपी में  आठ से दस मामले लव जेहाद के कथित तौर पर सामने आये पर उनमे धर्म परिवर्तन जबरन कराने के साक्ष्य नहंी मिले थे। इसलिये इसे जेहाद नहीं सकते हैे। 
समाज का कुठरघात 
मुस्लिम लड़की किसी अन्य काष्ट के लड़के से शादी कर ले तो वह हल्ला नहीं मचता है ऐसे कई मामले में यूपी में है जहां मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कों से शादी की हैे। 
पर यही मामला जब उल्टा होता है तो अपने फायदे के लिये इस लव जेहाद का नाम दे दिया जाता है जिसकी आड़ में खेल किया जाता है। 
कई मामलों में  सामने आया किशादी के बाद लड़की परिजनों के इमोशन में आकर उनके साथ देती है तब मामूली तकरार को जुल्म का नाम दिया जाता है। 
सिर्फ दो मामलों से समझिये
क्या हिंदू समुदाय में होनी वाली शादियों के बाद महिलाओं पर जुल्म नहीं होते, बहुत से होते है सिगरेट से दागना, शराब पिलाना, वैश्यवृर्ति के लिये बाध्य करना, दहेज मांगना आदि शामिल है फिर चाहे वह प्रेम विवाह में ही क्या न हो रहा है। मुस्लिम परिवारों में भी ऐसे प्रताडना के कई मामले सामने आते है। 
अब सवाल यह उठता है अगर प्रेम विवाह या धर्म परिवर्तन करके किसी लड़की ने शादी की और कुछ साल बाद उसकी पति प्रताड़ित करता है तो कहां से लव जेहाद कहलायेंगा।
क्या है लव जेहाद
दरअसल लव जेहाद को फसाद का नाम दे दिया गया है। कुछ आतंकी संगठनों ने इसे अमल लाया था, दूसरे धर्म की युवतियों को बहला कर इस्लामकि करना और फिर उनका माइंड वॉश करके मानव बम, तस्करी, वेश्यावृति जैसे काम जबरन कराये गये जिसे लव जेहाद कहा गया था। अपने देश में ऐसे मामले न के बराबर सामने आये थे।
अब आते है शालिनी के मामले में। दरअसल दोनों एक दूसरे से प्यार करते है और इसी आवेश में दोनों ने घर से भाग कर शादी कर ली। पर उन्हें नहीं पता था कि उनका यह कृत्य परिजनों को कितना दर्द देगा। इस मामले में दूसरे संगठन शामिल हो रहे है जिसके बाद दोनों को जान का खतरा सताने लगा है। दरअसल इस मामले में पुलिस की जद्दोजहद बढ़ जाती है। युवती को बरामद करने के बाद दोनों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। क्योंकि दोनों ने वीडियो के माध्यम से परिजनों से खतरा बताया है। सीआरपीसी की धारा 485 दाखिल करके दोनों ने खतरा जताया।
164 के बयाव के बाद स्थिति साफ हो जायेगी कि शालिनी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया या उसने खुद किया। वहीं दूसरा सवाल ये भी जायज है कि बिना धर्म बदले ही शादी की जा सकती थी। पर धर्म बदलने से संस्कृति को खतरा माना जा रहा है। जो की संविधान में कहीं भी फिट नहीं बैठती है। अगर संस्कृति को इससे खतरा है तो किसी भी समुदाय की लड़की दूसरे समुदाय में जायेगी तो खतरा तो वहां भी होगा। 
लव जेहाद का भयानक मुखौटा
दरअसल कुछ लोगों ने जव जेहाद का जी तस्वीर बनायी है बेहद भयावह है, मसलन लव के नाम पर बहला कर लड़की को जबरन मुस्लिम बनाना फिर कई बच्चे पैदा करना, फिर प्रताड़ित करके देश या समाज विरोधी कार्य कराना। जबकि ऐसे मामलों से लव जेहाद शब्द हटा दिया जाये तो पुलिस रिकार्ड और कोर्ट में ऐसे हजारों मामलें चल रहे है जहां प्रताड़ना की इंतहा सामने आयेगी, और धर्म में ये मामले मिल जायेगें। 
बावजूद इसके कुछ लोग लव जेहाद का नाम देकर ऐसे मामलों को संवेदनशील बना देते है।
आखरी शब्द यहां और ऐड कर दूं, लड़का हो या लड़की, परिवार को दुख देकर इस तरह की शादिया समाज पर कलंक है। लव को जिहाद की नजर से देखने वालों से एक सवाल भी
एक्टर करीना ने सैफ से शादी की नाम नही बदला
कई बड़े नेताओं की बेटियों ने मुस्लिम से शादी की नाम नही बदला तब कियो लव जिहाद का हलल्ल नही मचा। किया सिर्फ नाम बदलने से या किसी धर्म को स्वीकार करने से जेहाद हो जाता है।

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