पुर 25 नवम्बर। अभी ज्यादा दिन नहीं बीते जब कोरोना की अपने देश में दस्तक के बाद लगे लाकडॉउन में आज की पीढी ने वो सब देख लिया जिसकी कल्पना नहीं की गयी थी। बावजूद इसके लापरवाही इस हद तक है कि अभी भी हम सब कोरोना का नजर अंदाज कर रहे है। अगर आप भी उनहीं मे से एक है जो सोंचते है कि कोरोना मेरा कुछ नहीं कर सकता तो इस गफलत से बाहर आ जाईये। क्योंकि आपकी यही गफलत और लापरवाही से लाखों लोगों के सामने कई तरह की दिक्कत आ आयेंगी।
कोरोना का नजर अंदाज करने से आने वाली मुसीबतें
दरअसल कोरोना एक महामारी है जिसकी वैक्सीन को लेकर ट्रायल चल रहे है। जब तक दवाई नहीं कोई ढीलाई नहीं का नारा सरकार ने यूं ही नहीं दिया। दरअसल हर कोई यही सोंचेगा कि उसे कोरोना नहीं होगा और लापरवाही बरतेगा तो केस बढ़ेगें जिससे सरकारी खजाने समेत रोज कमाने खाने वालों के सामने दिक्कत आयेंगी।
सरकार का हर कदम बेहतर पर दुश्वारियों से भरा हुआ
कोरोना का केस कई प्रदेशों में बढ़ने के बाद वहां की सरकार ने रात्रि कफ्यू लगाना शुरू कर दिया है, संभव है कि मिनी लॉकडाउन या ज्यादा मामले बढ़ने पर फिर से सम्पूर्ण लॉक डाउन लगाना पड़ा
अगर ऐसा हुआ तो इस बार अर्थव्यवस्था समेत छोटे दुकानदार, व्यपारी, कामकाजी ऊबर नहीं पायेंगे। क्योंकि पूर्व में हुए लाकडाउन में नौकरी गंवा चुके लाखों लोग परेशान है
प्रदेश में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे है। जाहिर है सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया के तहत सब कुछ खोल दिया, पर हमारी आपकी जिम्मेदारी थी कि मास्क लगाये दूरी बनाये जिसे नहीं माना गया।
त्योहार, हो या शादी कार्यक्रम या शराब की दुकान सब जगह उमड़ी भीड़ ने हालात बदतर करने शुरू कर दिये। खास कर सर्दी के मौसम में।
अगर कोरोना कंट्रोल नहीं हुआ तो सरकार ने अभी शादी समारोह समेत सौ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों पर अकूंश लगाया है, रात्रि कफ्यू और मिनी लॉकडाउन पर भी सरकार सोंच रही है। संभव है ये भी हो जाये जिसका खमियाजा आम आदमी को उठाना पड़ेगा।बेहतरहम और आप अभी संभल जाये अपने लिये अपनों के लिये क्योंकि सर्दी में कोरोना वैसे घातक होगा उसके साथ हार्ट रोगियों, बचचों, डेंगू और अन्य बीमारियों से जुझ रहे लोगों के लिये ये काल है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री की टीम 11 के अधिकारियों ने कोरोना को लेकर सभी जिलों की जो रिपोर्ट पर अध्यन किया है और कुछ फैसले आनन फानन में लिये है उससे एक बात तो साफ है कि सरकार कभी भी मामले बढ़ने पर सख्त फैसले ले सकती है।
मसलन मिनी लॉकडाउन, शादी समारोह, धार्मिक स्थलों औरस्कूल कोचिंग को लेकर सख्ती कर सकती है।
मास्क को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है, अब चालान की कार्यवाही के साथ जो कम्पनी, दुकानदार इसका पालन नहीं करेगा उसकी भी जवाबदेही होगी।
देर शाम तक सप्ताह में शनिवार, रविवार को लेकर फैसला लिया जा सकता हैै।
by shahid pathan

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